Mahka Rajasthan Vimochan By CM Vasundhra Raje

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Rajasthan Chief Minister Vasundhra Raje Vimochan First Daily Edition of Dainik Mahka Rajasthan Chief Editor ABDUL SATTAR SILAWAT

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Dainik MAHKA RAJASTHAN

Wednesday, November 19, 2025

पाली सीईटीपी ट्रस्ट के अध्यक्ष अशोक लोढ़ा सहित सचिव और कोषाध्यक्ष ने दिया इस्तीफा

 सीईटीपी ट्रस्ट अध्यक्ष-सचिव-कोषाध्यक्ष ने दिए इस्तीफे


तीनों ने ट्रस्ट में रखे अपने इस्तीफे, इंडस्ट्रीज में चर्चा का माहौल गर्म



सीईटीपी फाउंउेशन के एक महीने पहले अध्यक्ष चुने गए अशोक लोढ़ा, सचिव एसपी चौपड़ा और कोषाध्यक्ष प्रवीण कोठारी। जिन्होंने अब अपने इस्तीफे सौंपे।


पाली। करीब एक महीने पहले सीईटीपी फाउंडेशन के अध्यक्ष बने अशोक लोढ़ा, सचिव एसपी चौपड़ा और कोषाध्यक्ष प्रवीण कोठारी ने अपने इस्तीफे दे दिए हैं। यह खबर जब इंडस्ट्रीज में फैले तो चर्चाओं का माहौल गर्म हो गया। आखिर तीनों ने इस्तीफे क्यों दिए। इसको लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।


वहीं, प्रारंभिक जांच में सीईटीपी फाउंडेशन के शामिल पदाधिकारियों की आपसी खींचतान इसकी वजह बताई जा रही है। जिसके चलते उन्होंने इस्तीफे सौंपे। कोषाध्यक्ष प्रवीण कोठारी ने पुष्टि की कि उन तीनों ने अपने इस्तीफे सौंपे है।


यह था मामला


बता दें कि करीब एक महीने पहले मंडिया रोड ट्रीटमेंट प्लांट संख्या एक-दो में उद्यमियों की बैठक हुई थी। जिसमें उद्यमी केतन गुलेच्छा और अनिल गुंदेचा ने इस्तीफा देते हुए एसपी चौपड़ा और अशोक लोढ़ा को सीईटीपी फाउंडेशन में शामिल करवाया था। फिर लोढ़ा का मंडिया रोड इंडस्ट्रीयल एरिया से और चौपड़ा का नाम पावर प्रोसेस एसोसिएशन से नाम भेजा गया। तब जाकर दोनों डायरेक्टर बने।


फाउंडेशन के डायरेक्टरों ने चुना था अध्यक्ष-सचिव


उसके दूसरे दिन पाली शहर के मंडिया रोड ट्रीटमेंट प्लांट संख्या एक-दो में सीईटीपी फाउंडेशन के 17 डायरेक्टर की मीटिंग हुई। जिसमें सर्व सहमति से अशोक लोढ़ा को अध्यक्ष, एसपी चौपड़ा को सचिव और प्रवीण कोठारी को कोषाध्यक्ष चुना गया था। लोढ़ा और चौपड़ा लगातार दूसरे कार्यकाल में अध्यक्ष-सचिव चुने गए थे। उद्यमियों ने उन्हें फूलमालाओं से लाद दिया था।


आपसी खेंचातान बनी इस्तीफे की वजह


इंडस्ट्रीज में चर्चा है कि लोढ़ा और चौपड़ा के फिर से अध्यक्ष-सचिव बनने से उद्यमियों का एक गुट खुश नहीं था। ऐसे में पिछले एक महीने से आपसी खींचतान चल रही थी। इस खेंचातान से परेशान होकर ही तीनों ने अपने इस्तीफे बुधवार को ट्रीटमेंट प्लांट संख्या एक-दो में रख दिए। अब देखने वाली बात होगी कि सीईटीपी फाउंडेशन को नए अध्यक्ष-सचिव मिलते है। या इन्हें मनाकर कर फिर से इन्हें ही कमान सौंपी जाएगी।

Tuesday, November 5, 2019

पाली कांग्रेस पर लगे टिकट बेचने के आरोप






जिन उम्मीदवारों के टिकट कटे उन्होंने कांग्रेस पदाधिकारियों पर टिकट बेचने के आरोप लगाये। पाली नगर परिषद चुनावों में 65 वार्डों में कुल 357 उम्मीदवार चुनाव मैदान में है। वार्ड 35 से बीजेपी ने अभी किसी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। वार्ड 35 से कांग्रेस नेता शहज़ाद शेख की पत्नी नजमा शेख कांग्रेस की उम्मीदवार है। वही दूसरी प्रत्याशी भी कांग्रेस से ही दावेदारी कर रही थी जिनके नाम वापस लेने पर नजमा शेख निर्विरोध चुनी जा सकती है।

Saturday, July 7, 2018

विकास, विकास और विकासः मोदी


राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 की रणभेरी मोदी ने बजाई

एक ही एजेन्डाः 

विकास, विकास और विकासः मोदी

अब्दुल सत्तार सिलावट
वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने भाषण की पहली पंक्तियों में राजस्थान वीर सपूतों और विरांगनाओं की शहादत को राजस्थान की आन बान और शान से जोड़कर पूरे पाण्डाल ही नहीं बल्कि टीवी पर देख रहे करोड़ों राजस्थानी और देशवासियों को भाव विभोर कर दिया...

जयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जयपुर में आयोजित जन-संवाद रैली में मंच पर बैठे नेताओं के संबोधन में नवनियुक्त भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल सैनी को अपने आरएसएस के संगठन कार्यकर्ता के दौर का अच्छा साथी बताकर राजस्थान में गजेन्द्र सिंह शेखावत का विरोध करने वाले वसुन्धरा समर्थकों को अपने भाषण के पहले कुछ मिनटों में यह संदेश दे दिया कि शेखावत को भले ही आपने स्वीकार नहीं किया। लेकिन मदनलाल सैनी भी हमारी अपनी टीम के ही मेम्बर है। 
मोदी ने कांग्रेस द्वारा जन संवाद कार्यक्रम में सरकारी धन के दुरुपयोग के जवाब में बाड़मेर रिफाइनरी में जनता के साथ किये धोखे को याद दिलाकर पिछली सरकार की असफलताओं के साथ आलोचना की।
राजस्थान के 33 जिलों से सरकारी योजनाओं से लाभान्वित लाखों लोगों को जनसंवाद रैली में लाने के लिए मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे को बधाई देते हुए कांग्रेस की आलोचना पर चुटकी लेते हुए कहा कि विरोधियों को तो मोदी और वसुन्धरा जी का नाम सुनते ही बुखार चढ़ जाता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों की आय 2022 तक दो गुनी करने के संकल्प के साथ केन्द्रीय कृषि मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत की प्रसंशा में कहा कि हाल में किसानों की आय डेढ़ गुनी करने में शेखावत के प्रयास उल्लेखनीय है। प्रधानमंत्री मोदी ने राजस्थान के विभिन्न जिलों में पेयजल, सड़क, चिकित्सा, शिक्षा की 2100 करोड़ की 13 योजनाओं का शिलान्यास कर अपने भाषण में प्रदेश के उन सभी 13 विकास योजनाओं के जिलों, शहरों और कस्बों के नामों को धारा प्रवाह बोलकर गिनाया। अपने क्षेत्रों के नाम प्रधानमंत्री के मुंह से सुनकर पूरा पाण्डाल तालियों से गूंज उठा।
मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने 45 मिनट के भाषण में जन संवाद की मुख्य योजनाओं को वीडियो प्रदर्शन के साथ प्रधानमंत्री को दिखाकर प्रदेश के विकास की योजनाएं बताई।

अगला मुख्यमंत्री कौन?

प्रधानमंत्री जन संवाद रैली के विशाल मंच पर बैठे मंत्रियों में राजस्थान की राजनीति के चाणक्य मुख्यमंत्री कौन ?.... उसे ढ़ूंढ़ने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने भाषण में मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे की दिल खोलकर तारीफ करते हुए पिछले ढ़ाई माह तक प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की नियुक्ति में भाजपा हाईकमान से मुख्यमंत्री के मतभेदों पर किसी भी तरह की नाराजगी या बेरूखी का कोई संकेत नहीं दिया।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि वसुन्धरा जी का प्रयास है कि किसान की एक-एक बूंद पसीने की किमत चुकाई जाये। प्रधानमंत्री के साथ एक तरफ राज्यपाल और दूसरी तरफ मुख्यमंत्री के बाद सम्भावित मुख्यमंत्रियों में अर्जुन मेघवाल और पी.पी. चौधरी तथा दूसरी तरफ राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और गजेन्द्र सिंह शेखावत को बैठे नजर आए। अगर मुख्यमंत्री बदलने की मजबूरी आई तो सम्भावित चेहरा इन्हीं में से देखा जा रहा है।

विशाल पाण्डाल पहली बार

प्रधानमंत्री की सुरक्षा में तैनात एसपीजी के एक उच्च अधिकारी ने कहा कि देश भर में जयपुर से बड़े मैदानों में प्रधानमंत्री की रैली देखी है, लेकिन इतने विशाल पाण्डाल देश भर के आयोजनों में पहली बार देखे हैं। जहां एक साथ तीन लाख से अधिक प्रदेश भर से आये लोग पाण्डाल की छांव में बैठ सकते हैं।
जयपुर के अमरूदों के बाग में जर्मनी में बने अत्याधुनिक पाण्डाल जिनमें आंधी-तुफान और तेज बारीश का असर भी नहीं होता है। इन पाण्डालों में सुरक्षा के लिए सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों के साथ 15 गुना 10 फीट के 120 विशाल एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई थी जिन पर कार्यकर्ता और लाभार्थी प्रधानमंत्री को अपने नजदीक से देख-सुन सकें।