Mahka Rajasthan Vimochan By CM Vasundhra Raje

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Rajasthan Chief Minister Vasundhra Raje Vimochan First Daily Edition of Dainik Mahka Rajasthan Chief Editor ABDUL SATTAR SILAWAT

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Dainik MAHKA RAJASTHAN

Tuesday, June 21, 2016

पाली के दूध की गुणवत्ता राष्ट्रीय स्तर पर


पाली के दूध की गुणवत्ता राष्ट्रीय स्तर पर

अब्दुल सत्तार सिलावट

राजस्थान में दूसरी बार सरकार बनाने के बाद मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने राजस्थान में दूध की नदियां बहाने का आव्हान करते हुए ‘श्वेत क्रांति’ का नारा दिया था और श्वेत क्रांति का मिशन लेकर आगे बढ़ रही राज्य की ‘सरस डेयरी’ ने ग्रामीण स्तर पर लाखों दुग्ध उत्पादकों में डेयरी से जुड़कर पशुधन विकास का विश्वास पैदा किया है इसी मिशन में पश्चिमी राजस्थान के पाली जिला मुख्यालय की सरस डेयरी भी है जो अपनी उत्पादन क्षमता से डेढ़ गुना अधिक दूध संग्रह कर घी, पनीर, श्रीखण्ड, दही, छाछ और लस्सी जैसे उत्पादों में विशेष गुणवत्ता की पहचान रखती है।
पाली डेयरी पिछले चार दशक से रेगिस्तान से जुड़े गाँवों में कम पशुधन होने के बावजूद छोटे-छोटे गाँवों, आदिवासी क्षेत्रों एवं मुख्य सड़क मार्ग से दूर-दराज के गाँवों से भी दूध संकलन कर श्वेत क्रांति के मिशन में सक्रिय रही है। प्रारम्भ के डेढ़ दशक तक पाली डेयरी सिर्फ दूध संकलन कर दिल्ली की मदर डेयरी को देता था और मदर डेयरी दिल्ली में पाली के दूध की गुणवत्ता का आज भी उल्लेख किया जाता है। पिछले दिनों श्वेत क्रांति पर राष्ट्रीय स्तर के अंग्रेजी समाचार पत्र ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में प्रकाशित लेख में पाली डेयरी के दूध की उच्च गुणवत्ता का उल्लेख भी किया गया था।
राजस्थान में पशुधन के लिए सम्पन्न जिले की इक्कीस डेयरियों में जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा और अलवर के बाद पांचवें स्थान पर पाली डेयरी दुग्ध संकलन एवं उत्पादों की गुणवत्ता में महत्व रखती है जबकि पाली जिले की सुमेरपुर मंडी नकली घी उत्पादन का मुख्य केन्द्र होने के बाद भी पाली की सरस डेयरी का बना घी शादी-ब्याह, हलवाईयों एवं असली घी का उपयोग करने वालों में मार्केट रेट से सौ-पचास रूपया अधिक दर पर माँग में रहता है।
पाली सरस डेयरी से जिले भर के 548 दुग्ध उत्पादक जुड़े हुए हैं तथा दुग्ध संग्रह के लिए बड़े गांवों के संग्रहण केन्द्रों पर दूध की गुणवत्ता, फेट प्रतिशत के आधार पर दूध लेते समय ही गुणवत्ता के साथ दूध के मूल्य की स्लिप कम्प्यूटर द्वारा बनाकर दे दी जाती है जिसका भुगतान दो सप्ताह में केन्द्रों के मार्फत किया जाता है।
पाली डेयरी के संचालक मण्डल के ग्यारह सदस्यों को साथ लेकर डेयरी विकास में सक्रिय अध्यक्ष प्रतापसिंह बिठियां का उल्लेखनीय योगदान रहा है। बिठियां 2005 से निरन्तर तीसरी बार पाली डेयरी संचालक मण्डल के निर्विरोध अध्यक्ष बनते आ रहे हैं। जिले के पशुधन और दूध उत्पादन से जुड़े किसानों को अध्यक्ष प्रतापसिंह बिठियां पर इतना भरोसा है कि डेयरी के संकलन केन्द्रों द्वारा जारी फेट प्रतिशत और मूल्य रसीद को लेकर संतुष्टी है।

पाली डेयरी को भारत सरकार का सहयोग

पाली डेयरी के उप प्रबंधक हेमसिंह चूण्डावत ने बताया कि डेयरी को भारत सरकार से 8 करोड़ रूपया नये भवन एवं मशीनरी के लिए मिल रहा है। डेयरी में दो करोड़ की लागत से नया भवन निर्माण कर पैकिंग की अतिआधुनिक टेट्रा पैक मशीन लगाई जाएगी।
चूण्डावत ने बताया कि राज्य में कुछ बड़ी डेयरी में अब तक दूध उत्पादों में पावडर भी बन रहा है जबकि पाली डेयरी विस्तार योजना में तीस करोड़ लागत की मशीनरी वाला पावडर उत्पादन प्लांट भी शामिल है। आपने बताया कि नई तकनीक से दूध को प्रोसेस कर लम्बे समय तक टेट्रा पैक में सुरक्षित रखा जा सकता है।
उप प्रबंधक ने बताया कि पाली डेयरी की 70 हजार लीटर की क्षमता के बाद भी टीम द्वारा सवा लाख लीटर तक प्रतिदिन दूध प्रोसेस के साथ डेढ़ लाख लीटर दूध भण्डारण की व्यवस्था भी है।

अमूल से कम पैसा, सीधा किसान को भुगतान नहीं

पाली जिले के माण्डल गाँव के सर्वाधिक ढ़ाई सौ भैंसों एवं सौ गायों की डेयरी चला रहे गणेश गहलोत ने बताया कि पाली डेयरी राज्य में अन्य डेयरियों के मुकाबले दूध का कम मूल्य देती है। अजमेर डेयरी 590 रूपये जबकि पाली डेयरी 550 रूपये ही देती है।
गहलोत ने राष्ट्रीय राजमार्ग 14 पर स्थित गाँव ढ़ोला से तीन किलोमीटर अन्दर माण्डल गाँव में अपने निजी कुएं पर आधुनिक सुविधा वाले पक्के शैड बनाकर गाय, भैंसों के लिए हरा चारा स्वयं के खेत में उगाते हैं। खल, पशु आहार, कुट्टी के लिए पक्के गौदामों के साथ यूपी के पशु सेवकों से भैंसों, गायों की मालिश, स्नान एवं हाथों से दुहाई करवाते हैं।
जीवन के कई वर्षों तक मुम्बई महानगर में व्यवसाय करने के बाद अपने धरती प्रेम से मोहित होकर गणेश के साथ रतन माली भी दूध कारोबार को बढ़ाना चाहते हैं। हरियाणवी भैंसों के साथ दो-दो लाख के ‘पाड़े’ (नर) रखने वाले युवा दूध उत्पादकों को भारत सरकार की श्वेत क्रांति प्रोत्साहन योजनाओं में आर्थिक सहयोग नहीं देने, कम ब्याज पर ऋण एवं अनुदान नहीं मिलने से शिकायत भी है। विशेषकर नाबार्ड, ग्रामीण एवं व्यावसायिक बैंक बड़े दूध उत्पादकों को ऋण, अनुदान एवं बीमा सुविधा नहीं दे रही है। गहलोत का दावा है कि अमूल गुजरात के दूध ईकाई को सीधा भुगतान करती है जबकि पाली डेयरी संगठन केन्द्रों के मार्फत भुगतान करने से किसान को साढ़े तीन प्रतिशत कम भुगतान मिलता है।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक हैं)

Friday, February 26, 2016

...आम बजट एक साल का ही बनाऐं, 2020 तक नहीं


...आम बजट एक साल का ही बनाऐं, 2020 तक नहीं

अब्दुल सत्तार सिलावट                                                      
आज़ादी के बाद से हमारी सरकारें एक साल का लेखा-जोखा तैयार करती है और विकास की नई-नई योजनाएं, योजनाओं को लागू करने में आने वाले खर्च के लिए टैक्स लगाकर सरकारी खजाना भरना शामिल है और इसी को ‘बजट’ कहते हैं। अब तक बजट एक वर्ष को सामने रखकर बनाया जाता था, लेकिन नरेन्द्र मोदी की लोकप्रिय सरकार आने के बाद बजट की रुपरेखा और उसके दूरगामी परिणामों को वर्ष 2020 तक लाभकारी बताते हुए बनाया जा रहा है जबकि मौजूदा लोकसभा का कार्यकाल 2019 में ही खत्म हो जाएगा।
कल हमारे रेलमंत्री ने जो बजट पेश किया उसमें रेल मंत्रालय अगले एक साल में क्या करेगा इसकी चर्चा कम थी जबकि 2020 के होने वाले लाभ को ‘सालाना बजट’ में पेश कर दिया। अब हमारी सरकारों से अनुरोध है कि या तो आप सालाना बजट को पंचवर्षीय योजना की तरह चुनाव जीतकर सत्ता में आते ही अपने चुनावी घोषणा पत्र की तरह अपनी सरकार का ‘पांच साला बजट’ भी एक साथ पेश कर देंवे जिससे हर वर्ष फरवरी के अन्तिम दिन बजट पेश करने ‘झिक-झिक’ ही खत्म हो जाये और 26 जनवरी से मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री के साथ बजट बनाने वाले अधिकारियों से मिलकर सोने की आयात ड्यूटी कम करने, इंकम टैक्स सीमा बढ़ाने, एक्स्पोर्ट पर ड्रा बैक बढ़ाने, मार्बल, इलेक्ट्रोनिक, सौंदर्य प्रसाधनों में टैक्स छूट की मांग करने वाले चैम्बर ऑफ कॉमर्स, बड़े उद्योगपतियों और व्यावसायिक संगठनों को हर साल मिलने की बजाय पांच साल में एक बार ही ‘सरकार’ को अपने हितों के लिए ‘सैर’ करने की मेहनत करनी पड़े।
रेल मंत्री का बजट देखने के बाद देश के प्रधान और वित्त मंत्री नरेन्द्र मोदी और हमारे राजस्थान की मुख्य एवं वित्त मंत्री वसुन्धरा राजे साहिबा से अनुरोध है कि आप अपना बजट एक साल के लेखे-जोखे और विकास योजनाओं तक ही सीमित रखें। ‘रेल प्रभु’ की तरह 2020 तक की योजनओं को शामिल नहीं करें क्योंकि राजस्थान सरकार का कार्यकाल दिसम्बर 2018 और भारत सरकार का कार्यकाल मई 2019 तक ही है फिर आप 2020 तक बजट योजना में क्या आने वाली अगली सरकार को भी आपकी रीति-नीति या आपकी सोच लागू करने को बाध्य करने का प्रयास कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे से अनुरोध एवं सुझाव है कि बजट में कुछ नया करना ही चाहते हैं तो इसे नाम के अनुरूप ‘आम बजट’ को आम आदमी के हितों को ध्यान में रखकर बनाऐं। अब तक बजट भाषण उद्योगपति, एक्स्पोर्टर, हैंडीक्राफ्ट, ज्वैलर्स तथा समाज का उच्च वर्ग ही अपने हितों में की गई घोषणाओं पर प्रशंसा या आलोचना करता है। इस बार ऐसा नवीन बजट पेश करें जिसे दूरदर्शन पर गाँव की चौपाल, खेत की मुण्डेर और गगनचुम्बी इमारतों के निर्माण में लगे मजदूरों को भी अपने हितों का बजट लगे एवं एक मार्च के अख़बारों की छीना झपटी शहरों से अधिक गाँवों, कस्बों एवं गरीब, मजदूर बस्तीयों में होनी चाहिये। सबको लगे कि हमारी सरकार आई है, गरीबों की सरकार आई है, ग्रामीणों की सरकार आई है। भले ही ये सरकार चुनावी वायदे के मुताबिक 15 लाख बैंक खाते में नहीं ‘डाल’ पाई है, लेकिन इस साल गरीब, मजदूर, ग्रामीण अपने परिवार के पेट में आसानी से भरपेट खाना डाल पायेगा। ऐसा बजट चाहिये... माई बाप... अन्न दाता... देश के भविष्य निर्माताओं से...।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक हैं)

Sunday, February 21, 2016

एडीजीपी मिश्राः पुलिस आधुनिकीकरण की ओर


एडीजीपी मिश्राः पुलिस आधुनिकीकरण की ओर

पाली पुलिस की प्रशंसा एवं बधाई

अब्दुल सत्तार सिलावट                                            
पुलिस मुख्यालय से पाली जिला पुलिस की कार्यशैली और समस्याओं को परखने पहुँचे एडीजी उमेश मिश्रा को 1998 के वह दिन याद आ गये जब पाली पुलिस अधीक्षक पद पर इसी जिले की कमान सम्भाली थी। आपने पत्रकारों को अपनी दो दिवसीय यात्रा में कहा कि तब (1998) सदर थाना, राष्ट्रीय राजमार्ग फोरलेन नहीं था। एसपी ऑफिस और शहर कोतवाली का नया भवन भी पुलिस प्रगति को दर्शाता है।
एडीजी उमेश मिश्रा ने पाली शहर कोतवाली में पिछले दिनों हाईवे कॉपर लूट के कुख्यात मेव-मेवात गिरोह की गिरफ्तारी करने वाले पाली कोतवाल देरावर सिंह की उपस्थिती में सराहना करते हुए इसे पाली पुलिस की सफलता बताया। ऐसे ही अन्य मामलों में भी लूट, हत्या, एटीएम लूट की घटना के बाद लूट की रकम सहित अपराधियों की गिरफ्तारी को एडीजी ने पाली पुलिस को बधाई देते हुए सराहना की।

पाली। पुलिस के कामकाज की समीक्षा एवं वार्षिक निरीक्षण के लिए एडीजी (सिविल राइट) उमेश मिश्रा शनिवार को पाली पहुंचे। उन्होनें एसपी ऑफिस का निरीक्षण किया एवं वहां की व्यवस्थाओं को देखा। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग ब्रांच में तैनात पुलिसकर्मियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। एसपी कार्यालय में जिले के पुलिस अफसरों के साथ बैठक कर उन्होंने थाना व वृत कार्यालय वार प्रकरणों की जानकारी लेकर अपराधों की रोकथाम के लिए जरूरी दिशा निर्देश भी दिए। एडीजी मिश्रा ने सदर थाने का निरीक्षण किया और वहां के सीएलजी सदस्यों के साथ बैठक लेकर पुलिस के कामकाज की समीक्षा की और सुझाव लिए। इससे पहले उन्होंने सोजत में डीएसपी कार्यालय का निरीक्षण भी किया।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक उमेश मिश्रा ने नागरिक वाट्सएप नंबर 8764875055 को लाँच किया। इस नंबर पर अब कोई भी नागरिक अपने आस-पास होने वाले घटनाक्रम का मैसेज, फोटा एवं वीडियो पाली पुलिस से शेयर कर सकता है। जिसके बाद संबंधित थाना पुलिस तुरंत ही घटनास्थल पर पहुंच इसकी जानकारी जुटाएगी। स्कूल, कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राएं एवं महिलाएं भी उनके साथ होने वाले किसी तरह के दुर्रव्यवहार को लेकर अपनी शिकायत इस नंबर पर दर्ज करा सकती है, जिनकी पहचान गुप्त रखी जाएगी। इसके साथ  ही महिला हेल्प लाइन डेस्क 1090 और नागरिक सुरक्षा दल की औपचारिक शुरुआत भी शनिवार से की गई है।
पाली एसपी भार्गव ने बताया कि पुलिस ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए वाट्सएप नंबर जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि आमजन अपने आस-पास होने वाली घटना, दुर्घटना अथवा संदिग्ध गतिविधियों की सूचनाएं इस नंबर पर दें, ताकि पुलिस समय पर कार्यवाही कर सके। उन्होंने यह भी बताया कि छात्राओं व महिलाओं द्वारा दी गई शिकायत को गुप्त रखा जाएगा और उनके मामले में गंभीरता से कार्यवाही की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि इस नंबर पर किसी भी तरह के अनर्गल मैसेज, फोटो या वीडियो शेयर करने या किसी तरह के अनर्गल मैसेज भेजने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक हैं)